उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर राजधानी भोपाल में बड़ा आयोजन हुआ, जिसमें महाकाल की नगरी उज्जैन से लगभग 700 से 800 भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे. मंडल अध्यक्ष, बीएलए, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े लोगों ने भाग लिया.इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यकर्ताओं को सिंहस्थ का मूल मंत्र देते हुए श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और व्यवस्थाओं की परीक्षा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना सभी का दायित्व है. हर कार्यकर्ता को सेवा भाव से जुड़कर श्रद्धालुओं की मदद करनी होगी.
उज्जैन में मिल रही सौगात
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में बड़े स्तर पर विकास कार्य जारी हैं. सड़क चौड़ीकरण, टू लेन से लेकर आठ लेन तक के मार्ग, फ्लाईओवर, एयरपोर्ट, मेट्रो और रोपवे जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. साथ ही विक्रम उद्योगपुरी के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं.
देश विदेश से आ रहा निवेश
सीएम ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में निवेश का दायरा लगातार बढ़ रहा है और देश-विदेश के निवेशक यहां रुचि दिखा रहे हैं. मंदिरों का कायाकल्प हो रहा है, नए आश्रम बन रहे हैं और 13 अखाड़ों के साधु-संत सिंहस्थ में भाग लेने के लिए आएंगे. शिप्रा में स्नान और देवालयों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में होगी.
सेवा सहयोग और मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से सुझाव भी लिए और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया कि किस प्रकार श्रद्धालुओं की सहायता, मार्गदर्शन और व्यवस्थाओं में सहयोग करना है. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं की सेवा में उज्जैन का हर नागरिक और कार्यकर्ता सहभागी बने.
सीएम ने कार्यकर्ताओं के साथ किया सह भोज
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं के साथ सहभोज भी किया. नगर भाजपा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में प्रभारी अध्यक्ष उमेश सिंह सेंगर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी उनका अभिनंदन किया.
महानगर की तरफ बढ़ता उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि उज्जैन तेजी से एक आधुनिक महानगर के रूप में विकसित हो रहा है, लेकिन उसकी आत्मा धर्म, आस्था और सेवा में ही बसती है. सिंहस्थ 2028 इसी भावना का सबसे बड़ा उदाहरण बनेगा.
