ग्वालियर: बीजेपी के शासनकाल में जो माफियाराज चल रहा है उससे हर कोई भयभीत है। रक्षक भी सुरक्षित नहीं है तो आमजन का क्या होगा? हकीकत में कानून राज चैपट हो गया है। हर क्षेत्र में माफियाराज चल रहा है। कांग्रेस ऐसे शासनकाल की कड़ी निंदा करती है, वहीं मुख्यमंत्री से मांग करते है कि सरकार जनहितैशी होकर कार्य करें। भले ही कोई भी दोषी हो उसको सजा मिलनी चाहिये। यह बात पूर्व मंत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कही।
पूर्व मंत्री डा. गोविंद सिंह एवं राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने पत्रकारों से कहा कि ग्वालियर अंचल में सर्वाधिक रेत का उत्खनन जारी है। सिंध एवं चंबल नदी को छलनी कर दिया है। जब जब खनिज, वन विभाग और प्रशासन कार्यवाही करता है तभी रसूखदार के कारिंदे खून के प्यासे हो जाते है। आलम यह है कि केवल दस साल में रेत मफिया 50 लोगों की मौत का कारण बन चुके है। भिण्ड में 19 लोगों की जान ले चुके हैं।
जबकि मुरैना जिले में 13 लोगों के कुचलकर काल के गाल में पहुंचा दिया है। इसी तरह दतिया भी सुरक्षित नहीं है। घटनायें घट रही है पुलिस अपना हिस्सा ले रही है। उन्होंने मच्छण्ड चौकी का उदाहरण देते हुये कहा कि यहां से 200 से 300 ट्राली रेत का परिवहन होता है। हर ट्राली पर चैकी को पांच हजार का हिस्सा मिलता है और जब कोई किसान या आमजन रेत लेने पहुंचता है तो उसे पकड़कर जेल भेज दिया जाता है तथा वाहन जब्त कर लिया जाता है। आखिर प्रदेश का भला कैसे होगा। किसानों की हितैषी कहने वाली सरकार किसानों को भी भला नहीं कर रही है। चहुंओर माफियाराज को बीजेपी के मंत्री का भरपूर संरक्षण है तो कैसे क्या होगा। पत्रकारवार्ता में वासुदेव शर्मा, आरपी सिंह एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव उपस्थित थे।
