वाशिंगटन/तेल अवीव, 09 अप्रैल (वार्ता) अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने युद्धविराम में लेबनान को शामिल नहीं किये जाने को लेकर कहा है कि इसमें दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना और हिजबुल्ला आतंकवादियों के बीच चल रहे समानांतर संघर्ष को सुलझाने का कोई वादा कभी नहीं किया गया था।
एयर फ़ोर्स टू पर मीडिया से बात करते हुए श्री वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक ‘वास्तविक गलतफहमी’ का परिणाम है। ईरानियों को लगा कि युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है, जबकि ऐसा नहीं था। हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया और न ही कभी ऐसा संकेत दिया।” उन्होंने कहा कि युद्धविराम का मुख्य केंद्र ईरान और अमेरिका के सहयोगियों, विशेषकर इजरायल और खाड़ी अरब देशों की सुरक्षा पर था।
श्री वेंस ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे लेबनान जैसे मुद्दे पर इस बातचीत को विफल करना चाहते हैं, तो यह ‘मूर्खता’ होगी। इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने युद्धविराम लागू होने के बाद अपने पहले संबोधन में कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान में ‘असाधारण उपलब्धियां’ हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमताओं को भारी नुकसान पहुँचाया गया है और उसके परमाणु हथियार विकास कार्यक्रम को रोक दिया गया है।
श्री नेतन्याहू ने कहा, “ईरान अब पहले से कहीं अधिक कमजोर है और इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत। हमारे पास अभी भी कुछ लक्ष्य बाकी हैं और हम उन्हें या तो समझौते के माध्यम से या फिर से लड़ाई शुरू करके हासिल करेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दो सप्ताह का युद्धविराम केवल एक अल्पविराम है और ‘अभियान का अंत नहीं’ है। उन्होंने इसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के रास्ते में केवल एक ‘पड़ाव’ बताया। इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने ईरान समर्थित इस समूह से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

