इंदौर: अंगदान को बढ़ावा देने के लिए संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों की बैठक आयोजित की. बैठक में उन्होंने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है, लेकिन इसे एक सकारात्मक आंदोलन में बदलने की आवश्यकता है.डॉ. खाड़े ने लोगों को संवेदनशीलता और मानवीयता के साथ अंगदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया और कहा कि जो इच्छुक आर्थिक कारणों से अंगदान नहीं कर पा रहे, उन्हें सहायता प्रदान की जाए.
सभी अस्पताल संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने संस्थान में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त करें और उनकी सूची बनाकर अस्पतालों और शासन स्तर पर समन्वय स्थापित करें. अंगदान के बारे में सही जानकारी का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा. बड़े और छोटे अस्पतालों को जोड़कर जागरूकता बढ़ाई जाएगी और जिलों में एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देने हेतु शिविर, कार्यशाला और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे.
सम्मान करने से पड़ रहा सकारात्मक प्रभाव
बैठक में बताया गया कि अंगदान केवल ब्रेन डेड घोषित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में प्रभावी होता है और इसे जीवन का उपहार कहा जाता है. नेत्रदान, हृदय और किडनी प्रत्यारोपण सहित अन्य अंगदान पर भी चर्चा हुई. अंगदान करने वाले परिवारों को शासन द्वारा सम्मानित करने से समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और अंगदान करने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है.
