
सिंगरौली। चितरंगी उपखंड में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान एक शिक्षिका द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
म.प्र. शासन द्वारा हर मंगलवार को आयोजित होने वाली यह जनसुनवाई आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है, लेकिन इस बार यह मंच एक चौंकाने वाली शिकायत का गवाह बना। संकुल केंद्र सुदा के अंतर्गत प्राथमिक शाला बगडेवा में पदस्थ शिक्षिका ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि संबंधित जन शिक्षक द्वारा उन्हें बार-बार कमरे में बुलाया जाता है और विरोध करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ि़त किया जाता है। इस शिकायत ने न केवल कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है, बल्कि यह भी उजागर किया है कि सरकारी संस्थानों में कार्यरत महिलाओं को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना शिक्षा विभाग के भीतर कार्य वातावरण, महिला सम्मान और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है।
