शहर में गैस की किल्लत से लोग परेशान, पापुलर एजेंसी को नोटिस

रीवा: गैस की किल्लत जिले में कम होने का नाम नही ले रही है. प्रशासन भले ही बेहतर व्यवस्था का दावा कर रहा है पर मैदानी हकीकत यह है कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नही मिल रहा है. नम्बर लगाने के बाद भी गैस एजेंसियां सिलेंडर देने में आना कानी करती है. पापुलर गैस सर्विस रीवा को डीलरसिप निलंबन की कार्यवाही के लिये नोटिस जारी किया गया है.गौरतलब है कि जिले में 29 गैस एजेंसियां है जहा से उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर मिलता है. सिलेंडर की मारामारी कम होने का नाम नही ले रही है. भले ही प्रशासन कह रहा है कि अब एलपीजी गैस की कोई किल्लत नही है पर मैदानी स्तर पर अभी भी उपभोक्ता कतार में सिलेंडर लेकर खड़े हो रहे है.

नम्बर लगने के बाद उपभोक्ताओं के घरो तक गैस एजेंसियां सिलेंडर नही पहुंचाती और जब उपभोक्ता लेने जाते है तो आना कानी की जाती है. सबसे ज्यादा रीवा गैस एजेंसी में दिक्कत हो रही है, यहा उपभोक्ताओं को बराबर सुविधा नही मिल रही है. पापुलर गैस सर्विस के गोदाम में घरेलू सिलेंडर से गैस निकालने का मामला सामने आने के बाद तहसीलदार के अध्यक्षता में खाद, नापतौल विभाग का संयुक्त जांच दल गठित किया गया है जो पूरे मामले की जांच करेगा. साथ ही इंडियन आयल कम्पनी क्षेत्रीय मंडल कार्यालय जबलपुर द्वारा पापुलर इंडियन गैस एजेंसी के प्रोप्राइटर को डीलरसिप निलंबन की कार्यवाही के लिये नोटिस जारी किया गया है. इसके बाद कार्यवाही की गाज गिरेगी.
पाइपलाइन से घर-घर पहुंचेगी गैस
रीवा शहर में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सेवा का विस्तार किया जा रहा है. रीवा के दर्जनों मोहल्लों और कॉलोनियों में इस सेवा का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसका लाभ अब लगातार अधिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मिल रहा है. वर्तमान में रीवा के प्रमुख रहवासी क्षेत्रों जैसे नेहरू नगर, संजय नगर, इंदिरा नगर, तिलक नगर और बजरंग नगर में यह सुविधा पूरी तरह सक्रिय है. इसके साथ ही रतहरा, अरुण नगर, श्रीयुत नगर और अनंतपुर क्षेत्रों में भी पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति की जा रही है. शेष मोहल्लो में भी पाइप लाइन से गैस घर-घर तक पहुंचाई जाएगी.

Next Post

एनसीईआरटी विवाद में तीन विशेषज्ञों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले अध्याय पर ब्लैकलिस्ट किए जाने के खिलाफ दी दलील, कहा- सामूहिक था लेखन

Tue Apr 7 , 2026
नई दिल्ली | एनसीईआरटी की कक्षा 8वीं की नई सोशल साइंस की किताब ‘समाज की खोज’ के विवादित अध्याय को लेकर अब नया मोड़ आ गया है। इस अध्याय को तैयार करने वाले तीन प्रमुख शिक्षाविदों—प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, सुपर्णा दिवाकर और आलोक प्रसन्न कुमार—ने खुद को ब्लैकलिस्ट किए जाने के […]

You May Like