वॉशिंगटन डीसी, 06 अप्रैल (वार्ता) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में फंसे दो अमेरिकी वायु सेना सदस्यों के “ऐतिहासिक और वीरतापूर्ण” बचाव अभियान की सफलता के बारे में विस्तार से बताते हुए इस मिशन को अमेरिकी सैन्य कौशल का बेजोड़ उदाहरण का दर्ज दिया और कहा कि उनका प्रशासन इस जीत का भव्य जश्न मनाएगा।
वह व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ईरान की धरती पर गिरे दूसरे एयरमैन को बचाने के लिए चलाए गए इस मिशन में 155 विमानों का बेड़ा शामिल था। इसमें 4 बॉम्बर, 64 लड़ाकू विमान, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर और 13 बचाव विमानों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रपति के अनुसार, यह अभियान केवल ताकत का नहीं बल्कि “बेहतरीन चालबाजी” का भी प्रदर्शन था। उन्होंने कहा, “हमने दुश्मन को भ्रम में रखा ताकि उन्हें लगे कि हमारा जवान कहीं और है, जबकि वहां हजारों ईरानी सैनिक उसे ढूंढ रहे थे।”
बचाव अभियान का विवरण देते हुए श्री ट्रंप ने बताया कि घायल एयरमैन ने ईरान की सरजमीं पर लगभग 48 घंटों तक खुद को पकड़े जाने से बचाए रखा। भारी खून बहने के बावजूद, उस बहादुर जांबाज ने चट्टानों पर चढ़कर अपनी लोकेशन भेजी।
श्री ट्रंप ने गर्व से कहा, “मैंने आदेश दिया था कि हमारे जवानों को घर वापस लाने के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह किया जाए। हम किसी भी अमेरिकी को पीछे नहीं छोड़ते।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीछे छूटे अमेरिकी विमानों के साजो-सामान को दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
