जल संकट की आशंका पर सीधी जिला जल अभावग्रस्त घोषित

सीधी । जिले की प्रमुख नदियों, नालों एवं स्टापडैम के जल प्रवाह में लगातार कमी को देखते हुए संभावित पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर विकास मिश्रा ने संपूर्ण सीधी जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। यह निर्णय पशुओं सहित आमजन को पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार तहसील रामपुरनैकिन, चुरहट, गोपदबनास, सिहावल, बहरी, मझौली, मड़वास एवं कुसमी को 02 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 अथवा वर्षा प्रारंभ होने तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। यह आदेश (म.प्र.) पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2002 की धारा 3 के तहत जारी किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के तहत बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के ट्यूबवेल उत्खनन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही नदियों, नालों एवं स्टापडैम से पेयजल के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रयोजन हेतु पानी लेने पर भी रोक लगाई गई है। संबंधित अनुविभागों के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को इस संबंध में सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश शासकीय नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Next Post

सीहोर मंडी में उपज की बम्पर आवक: मंडी हुई गुलजार 

Mon Apr 6 , 2026
सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में हो रही देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. शासन द्वारा खरीदी की तारीख आगे बढ़ाए जाने से मायूस किसान अब अपनी उपज लेकर सीधे मंडी का रुख कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इन दिनों मंडी में रिकॉर्ड स्तर […]

You May Like