
भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी आंतरिक अंशांकन प्रयोगशाला (टीएसडी) के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (नाब्ल) से आगामी चार वर्षों के लिए पुनः मान्यता प्राप्त की है। यह मान्यता अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ/आईईसी 17025 के अनुरूप प्रदान की गई है।
यह पुनः मान्यता प्रयोगशाला की तकनीकी दक्षता, विश्वसनीयता तथा वैश्विक गुणवत्ता मानकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। इसके माध्यम से यांत्रिक, विद्युत, दाब तथा तापीय मानकों में उच्च सटीकता के साथ अंशांकन परिणाम सुनिश्चित होते हैं।
संशोधित दायरे के अंतर्गत प्रयोगशाला ने अपनी क्षमताओं में उल्लेखनीय विस्तार किया है। अब यहां 300 मिलीमीटर तक इंजीनियर स्क्वायर, 1000 मिलीमीटर तक लंबे गेज ब्लॉक तथा 0 से 90 डिग्री तक बेवल प्रोट्रैक्टर का अंशांकन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त माइक्रोमीटर की सीमा बढ़ाकर 2000 मिलीमीटर तथा वर्नियर कैलिपर की सीमा 2500 मिलीमीटर तक कर दी गई है। थिकनेस फॉयल अंशांकन की सटीकता को भी 9 माइक्रॉन तक परिष्कृत किया गया है।
इन उन्नत सुविधाओं से भेल के विभिन्न उत्पादन इकाइयों टीआरएम, फेब्रिकेशन, सीएमएक्स, टीजीएम, हाइड्रो तथा एसडब्ल्यूएम को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय बचत होगी।
साथ ही टीएसडी प्रयोगशाला अब आसपास के उद्योगों को भी अपनी सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और गुणवत्ता अधोसंरचना सुदृढ़ होगी। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी सशक्त बनाती है।
