भोपाल: गेंहूं तुलाई की तारीख बढ़ने से किसान परेशान हो रहे हैं. मार्च माह के अंतिम सप्ताह से गेंहूं की फसल कटना शुरू हो गई थी जो अब पूरी तरह से कट कर किसानों के घर पहुंच चुकी है. जो खुले आसमान के नींचे रखा हुआ है. पिछले एक सप्ताह से बादल छाये हुए हैं, बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो चुकी है. किसानों को आंधी और बारिश का डर बना हुआ है. अगर तेज हवा के साथ बारिश हो गई तो किसान की लाखों रुपए की फसल बर्बाद हो जाएगी. वहीं अब शादी का सीजन भी शुरू होने जा रहा है. कई किसानों के बच्चों की शादी भी होना है. उसकी तैयारियां भी करना है जो पैसे के अभाव में अधूरी हैं. वहीं इस बार सोसायटी में पैसे जमा करवाने के लिए 31 मार्च की जगह 28 मार्च का समय कर दिया, जिससे सैकड़ों किसान पैसे के अभाव में सोसायटी भी जमा नहीं कर सके. अब किसानों से सोसायटी के द्वारा लगभग 12 प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा. अगर समय पर पैसे जमा कर देते तो यह ब्याज नहीं लगता,
मंडी में 2230, शासन 2585 बोनस 40 रुपए
प्रदेश सरकार ने इस बार किसानों के लिए समर्थन मूल्य के साथ बोनस का भी प्रावधान रखा है. किसान शासन को गेंहू बैचेगा तो उसे 2585 बोनस 40 रुपए के साथ 2615 रुपए प्रति क्विंटल से भाव मिलेगा. वहीं मंडी में वर्तमान में लगभग 2230 रुपए क्विंटल की दर से व्यापारी खरीद रहे हैं. जो किसान को लगभग चार सौ रुपए का नुकसान है. इसलिए जिले के किसान खुले में गेहूं रखे हुए हैं कि कुछ दिन इंतजार करने के बाद गेंहू का अच्छा भाव मिल जाएगा.
तीन बार बढ़ी तारीख
किसानों के गेंहूं तुलाई को लेकर सबसे पहले 15 मार्च रखी गई थी उसके बाद फिर 1 अप्रैल तक बढ़ा दी गई. इसके बाद अब एक बार फिर से तुलाई की तारीख बढ़ाते हुए 10 अप्रैल की है. अभी तक तीन बार तारीख बढ़ा दी गई है. वहीं किसान तहसील कार्यालय के चक्कर भी लगा रहे हैं कि अब कहीं फिर से तारीख ना बढ़ जाए.
तुलाई केंद्रों पर नहीं है कोई तैयारी
सूत्रों की माने तो सरकार की घौषणा के बाद प्रशाासन ने गेंहू की फसल के लिए तारीख तो तय कर दी हैं, लेकिन जितने भी तुलाई केंद्र निर्धारित किए गए हैं. उन पर अभी कोई तैयारी नहीं है ना कांटे लगाए गएहैं और ना ही टेंट और पानी की व्यवस्था की गई है. जिससे यह लगताहै कि अभी तुलाई की तारीख बढ़ सकती है.
इनका कहना है
शासन के द्वारा गेंहूं की फसल तुलाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख तय की गई है, गेंहूं की फसल का समर्थन मूल्य 2585 और बोनस 40 रुपए तय किया गया है.
चंद्र भान सिहं जादौन, जिला आपूर्ति अधिकारी भोपाल
पांच मई की शादी है. गेंहू की फसल अभी बिकी नहीं है. पैसे के अभाव में सभी कार्य रूके हुए हैं.
नवल किशोर पटेल, किसान ग्राम नाथू बरखेड़ा
शासन लगातार तुलाई की तारीख बढ़ा रहा है. मैरे पास 800 क्विंटल गेंहूं हुआ है जो खुले में रखा हुआ है. तहसीलदार से पूछा गया तो बताया कि अभी समय लगेगा,वारदाना नहीं है.
नरेश दांगी, किसान, ग्राम खजूरिया रामदास बैरसिया
विधायक ने अपने वेयर हाउस भर लिए हैं, तुलाई के लिए कांटे नहीं लगे हैं. फसल रखने की जगह नहीं है. आए दिन मौसम खराब हो रहा है. किसानों के यहां शादी भी आ गई हैँ. रुपए हैं नहीं कैसे शादी की व्यवस्था करे.
खेलन सिंह दरबार, ग्राम हरवलिया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोपाल
सरकार की अव्यवस्थाओं से हमें परेशानी हो रही है. गेंहूं खुले में रखा हुआ है बारिश होने का भय है. अगर बारिश हो गई तो हमें लाखों रुपए का नुकसान होगा.
अशोक पाटीदार, किसान ग्राम कलखेड़ा
