उज्जैन: महाकाल की नगरी में बहती मोक्षदायिनी मां शिप्रा में समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंदे गिरी थी, देवता और दानवों में हुए युद्ध में देवताओं की विजय हुई, तभी से उज्जैन में कुंभ का आयोजन होता आया है, देश विदेश से जो श्रद्धालु महाकाल आते हैं. वह ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के साथ भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर पर भी बड़ी तादाद में पहुंचे इसके लिए तीनों मंदिरों की कनेक्टिविटी की जाएगी.
रविवार को अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा उज्जैन पहुंचे, वह वर्ष 2004 में महाकाल की नगरी में कलेक्टर रह चुके हैं. ऐसे में उन्हें दीर्घकालिक अनुभव भी है और सीनियरिटी के हिसाब से भी उन्हें प्रशासनिक कार्यों में महारत हासिल है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन की कमान राजोरा के हाथ में सौंप रखी है.
अफसर की थपथपाई पीठ
महाकुंभ के दौरान 30 हजार करोड़ की राशि से जो निर्माण कार्य विकास कार्य सौंदर्यकरण बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं वह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह के नेतृत्व में तेजी से चल रहे हैं, जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा भी की जा रही है. उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कानून व्यवस्था के साथ ही सिंहस्थ की जो बागडोर संभाल रखी है. उसके तहत अपनी टीम के माध्यम से मैदानी कार्य न सिर्फ शुरू हुए बल्कि कुछ तो खत्म होने को भी है, यही कारण है कि अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा ने रविवार को कमिश्नर आशीष सिंह से लेकर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की पीठ थपथपाई.
यहाँ पहुंचे राजौरा
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के अंतर्गत अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने उज्जैन में विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का स्थल निरीक्षण किया. उन्होंने अंगारेश्वर मंदिर क्षेत्र में क्षिप्रा नदी पर बनाए जा रहे नए घाटों का अवलोकन किया. इसके बाद कार्तिक मेला ग्राउंड से नईखेड़ी तक बनाए जा रहे लगभग 2.6 किलोमीटर लंबे सिंहस्थ बायपास फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया. राजौरा भूखी माता ब्रिज निर्माण स्थल भी पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्य की गति, गुणवत्ता और सामग्री की उपलब्धता की जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूर्ण हो जाएगा और इसकी कनेक्टिंग रोड जनवरी 2027 तक तैयार हो जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने गेल चौराहा से शांति नगर के बीच चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.
ये रहें मौजूद
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एडीजीपी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
ओकारेश्वर पशुपतिनाथ पर फोकस
सिंहस्थ के तहत खंडवा कलेक्टर ने ओंकारेश्वर क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. कलेक्टर ने बताया कि ओंकारेश्वर में सिंहस्थ से जुड़े विभिन्न विकास और व्यवस्थागत कार्यों की योजना पर काम किया जा रहा है और उनकी प्रगति लगातार मॉनिटर की जा रही है. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि महाकाल ओंकारेश्वर और पशुपतिनाथ ऐसे जुड़े की श्रद्धालुओं को तीनों स्थानों पर सुलभ दर्शन प्राप्त हो, इधर, मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने भी सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं. इसके अंतर्गत शिवना नदी पर बनने वाले पुल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई. अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा किया जाए.
