
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे का भोपाल मंडल इन दिनों विकास और आय दोनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। रामगंज मंडी-भोपाल और इंदौर-बुधनी नई रेल लाइनों पर काम तेज कर दिया गया है, वहीं बीना-इटारसी चौथी लाइन को मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण की तैयारी भी शुरू हो गई है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में रेल यातायात और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।
डीआरएम पंकज त्यागी ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि मंडल की आय में मालभाड़ा सबसे अहम आधार बनकर उभरा है। इस क्षेत्र से 896.38 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अधिक है। माल ढुलाई 7.23 मिलियन टन तक पहुंचना औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत माना जा रहा है।
वित्तीय वर्ष में भोपाल मंडल ने कुल 1852.06 करोड़ रुपये की आय दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जो पिछले साल से 8.77 प्रतिशत ज्यादा है। यात्री सेवाओं में भी वृद्धि दर्ज की गई और 414.80 लाख यात्रियों ने ट्रेनों का उपयोग किया, जिससे आय में 6.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
यात्रियों की सुविधा के लिए नई ट्रेनों की शुरुआत के साथ कई ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए गए, जिससे सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक बना। भीड़ प्रबंधन के लिए वर्षभर में 8923 विशेष ट्रेनें चलाई गईं। टिकट चेकिंग अभियान के तहत 6.16 लाख मामलों में 39.18 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।
स्टेशन सुविधाओं में भी विस्तार हुआ है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का कायाकल्प पूरा हो चुका है, जबकि अन्य स्टेशनों पर काम जारी है। भोपाल स्टेशन पर पॉड रिटायरिंग रूम, एग्जीक्यूटिव लाउंज और फूड प्लाजा जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। साथ ही मंडल के 49 स्टेशनों को दिव्यांगजन के अनुकूल बनाया जा चुका है।
