टीकमगढ़: कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा खुद को किसान हितैषी बताती है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सरकारी खरीदी की तारीख आगे बढ़ा रही है, जिससे किसान मजबूर होकर अपना गेहूं व्यापारियों को करीब 1800 रुपये प्रति क्विंटल जैसे कम दामों पर बेच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर खरीदी नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियां बिल वसूली के लिए कुर्की कर रही हैं और बैंक भी कर्ज वसूली में सख्ती बरत रहे हैं, जिससे किसान चारों तरफ से परेशान है।उन्होंने प्रदेश में बारदाने की कमी का मुद्दा भी उठाया और बताया कि एक एकड़ में केवल 5 क्विंटल खरीदी की सीमा तय है, जबकि उत्पादन 15 से 18 क्विंटल तक होता है। ऐसे में बाकी गेहूं किसान कहां बेचें, यह बड़ा सवाल है।यादवेंद्र सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के किसानों की आय 10 गुना बढ़ने के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ऐसे किसानों के नाम सार्वजनिक करे। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में भ्रामक आंकड़े पेश किए जा रहे हैं और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है।
