केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ‘नवभारत’ को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू। असम चुनाव, ₹2 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाएं और एलपीजी संकट के समाधान पर चर्चा।
असम में भाजपा के स्टार प्रचारक केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दावा है, असम में भाजपा की सरकार बहुमत से भी अधिक मत से बनने वाली है। यहां पर मोदी सरकार का काम बोल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कानून-व्यवस्था और जनता से सीधा संबंध जीत को सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने असम में 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की सड़क परियोजनाओं और बांस से इथेनॉल बनाने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे असम के युवाओं और आम लोगों का जीवन बदल रहा है। असम चुनाव प्रचार के बीच गडकरी (Nitin Gadkari) ने नवभारत से कई विषयों पर खुलकर चर्चा की।
सवाल: असम सहित पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा को कितनी सफलता मिलेगी।
जवाब: असम में भाजपा की एकतरफा जीत तय है। पुडुचेरी में हमारे सहयोग वाली सरकार फिर से आएगी। तमिलनाडु से लेकर पश्चिमी बंगाल में हम सीधी टक्कर दे रहे हैं। केरल में भाजपा के पक्ष में माहौल दिख रहा है।
सवाल: असम में आपके मंत्रालय की ओर से बनाई गई सड़कों को लोग भाजपा के पक्ष में वोट देने का मुख्य कारण बता रहे हैं।
जवाब: यह जनता का प्यार है। लेकिन यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि यह टीम मोदी का काम है। प्रधानमंत्री स्वयं विकास के सभी कार्यों के प्रति संजीदा नजरिया रखते हैं। जिससे सड़क, बंदरगाह, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के लगातार काम हो रहे हैं।
सवाल: इन चुनावों में मुख्य मुद्दा क्या है।
जवाब: भाजपा अब विकास का पर्याय बन गई है। मोदी ने एक ही मुद्दा दिया है। वह है विकास, विकास और विकास।
सवाल: घुसपैठ एक बड़ा मुददा है। लेकिन यह कहा जाता है कि यह हिंदू वोटों के धुव्रीकरण का मुददा बनकर रह गया है?
जवाब: भारत में अवैध रूप से आए विदेशी नागरिका को वापस उनके देश भेजना गलत किस तरह है। इसे विपक्षी दल मुसलमानों से जोड़ रहे हैं। जो गलत है। असम से लेकर पश्चिम बंगाल और केरल तक भारत के मूल नागरिकों में शामिल हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाइ के अधिकार एक समान है।
सवाल: विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावार है। एसआईआर, महिला आरक्षण, एलपीजी, महंगाई, बेरोजगारी समेत कई मुद्दे उसके पास हैं।
जवाब: हर राजनीतिक दल अपने लिहाज से राजनीति करता है। उनके अपने मुददे होते हैं। विपक्ष को भी अपने मुददे और लक्ष्य स्वयं तय करने होते हैं। लेकिन, जनता यह जानती है कि सच और झूठ क्या है। देश में पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की कमी नहीं है। जनता को हर दिन ये तीनों उत्पाद मिल रहे हैं। लेकिन विपक्ष कह रहा है कि जनता को यह नहीं मिल रहे हैं। इसी तरह से वह चाहते हैं कि विदेश नीति को ऐसा बना दिया जाए कि हर देश से सीधा झगड़ा करें। लेकिन दुनिया ने देखा कि किस तरह से इस युद्ध के दौरान केवल भारत में तेल-गैस की कीमत आम उपभोक्ता के लिए स्थिर रही हैं।
Nitin Gadkari: गैस संकट में DME को एलपीजी में मिलाना बड़ा समाधान
सवाल: पश्चिम एशिया की वजह से देश में एलपीजी संकट का क्या समाधान है?
जवाब: देश में कच्चे कोयला से डीएमई गैस निकालकर उसे एलपीजी में मिलाने से इस समस्या का हल निकल सकता है। यह मिलावट हम 8 प्रतिशत तक कर सकते हैं। मैं इस विषय पर जल्द ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और नीति आयोग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने वाला हूं।
सवाल: क्या यह इथेनॉल मिश्रण की तरह होगा
जवाब: जिस तरह से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण 20 प्रतिशत कर आयात बिल कम किया गया। यह उसी तरह से होगा, इससे आयात बिल काफी कम होगा। मुझ पर आरोप लगाए गए। मेरे खिलाफ अभियान भी चलाया गया, लेकिन सच क्या था। दुनिया को पता चल गया कि कोई जानबूझकर मेरे खिलाफ पैसे देकर अभियान चलवा रहा है।
