
जबलपुर । ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर उसे पूरी तरह ध्वस्त करने के साथ नशा मुक्ति शहर बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संपत्त उपाध्याय ने पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक ली और रणनीति बनाई । इस दौरान 12 बिन्दुओं पर चर्चा हुई। बैठक में एसपी ने नशे के विरुद्ध दो-सूत्रीय रणनीति- अपराधियों पर सख्त कार्रवाई एवं समाज में व्यापक जागरूकता को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश देते हुये अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। कप्तान ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट एक कड़ा कानून है जिसमे कठोर दण्ड का प्रावधान है। जिसकी जांच से सम्बंधित सभी प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। बैठक में उन्होंने बिंदुओ पर विस्तार से जानकारी देते हुए ड्रग हॉट स्पॉट की जानकारी ली। साथ ही बिचौलियों एवं वितरण चौनलों को चिन्हित करना, ड्रग रूट को चिन्हित करना, तस्करों का रजिस्टर संधारित करना, चिन्हित किंगपिन एवं एनडीपीएस के आदतन अपराधियों के खिलाफ निरंतर प्रभावी कार्यवाही, अवैध ड्रग से अर्जित संपत्ति को चिन्हित करके संबद्ध करवाना, पिट एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत कार्यवाही, बिचौलिये और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्यवाही, नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाने से लेकर नशे के आदी व्यक्तियों की काउंसलिंग समेत अन्य बिन्दुओं पर चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, एएसपी जोन-2 सुश्री पल्लवी शुक्ला, एएसपी यातायात, सुश्री अंजना तिवारी एवं समस्त राजपत्रित अधिकारी, समस्त थाना प्रभारी शहर, देहात उपस्थित रहे।
