ग्वालियर:विधानसभा सचिवालय ने दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी के साथ ही दतिया विधानसभा क्षेत्र को शून्य घोषित कर दिया गया है और यहां उपचुनाव की सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियों के शिविरों में आज सुबह से रणनीतिक हलचल है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है।कोर्ट ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 60 दिन का समय अपील के लिए दिया है। अगर इस दौरान सीनियर कोर्ट से भारती को राहत नहीं मिलती है तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। विधानसभा सचिवालय द्वारा दतिया की विधानसभा सीट खाली किए जाने का निर्णय चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भी भेजा गया है। अब इस मामले में चुनाव आयोग तय करेगा कि अपील के समय खत्म होने के बाद एमपी में चुनाव कार्यक्रम घोषित करना है या उसके पहले ही चुनाव की तैयारी के निर्देश देने हैं। नियमानुसार सीट रिक्त होने के 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाने का प्रावधान है।
पटवारी ने लिखा- पूरी ताकत से लड़ेगी कांग्रेस
पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात को विधानसभा सचिवालय खोला गया। डॉ. मोहन यादव सरकार की हठधर्मिता एवं अलोकतांत्रिक रवैये पर जब मैंने और वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने आपत्ति उठाई तो पूरा तंत्र निरुत्तर हो गया। स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में कार्यरत विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों का यह रवैया अस्वीकार्य है। हम भाजपा की इस राजनीतिक गुंडागर्दी और विधानसभा सचिवालय के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करते हैं। कांग्रेस राजनीतिक दुर्भावना की इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी। बीजेपी लोकतंत्र विरोधी है।
