भोपाल: जिले की हूजूर तहसील के लिए नवीन भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह निर्माण लाल घाटी क्षेत्र के मुख्य मार्ग व फ्लाई ओवर के नजदीक हो रहा है,जो कि तीन मंजिल है. इसका निर्माण का कार्य का टेंडर हरिओम कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था जो वर्तमान में कार्य कर रही है. इस निर्माण पर शासन ने लगभग 8 करोड़ 38 लाख रुपए मंजूर किए थे. जिससे कर्मचारियों और यहां आ रहे लोगों को सुविधा हो सके. यह लगभग दो वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है.
जबकि इस भवन के निर्माण के लिए टेंडर में 18 महीने का समय दिया गया था. जो कि फरवरी माह में ही समाप्त हो गया है. अभी इसके पूरी तरह से तैयार होने में लगभग दो माह का समय लगेगा. इसके लिए जहां कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी समय समय पर निरीक्षण करते रहे है. फिर भी समय पर पूरा नहीं किया जा सका है. निर्माण कंपनी को कार्य पूर्ण करने के लिए समय तो बढ़ा दिया गया लेकिन पेनाल्टी नहीं लगाई गई है. जबकि समय पर कार्य पूरा न होने पर वृद्धि के समय पेेेेेेेनाल्टी लगाना चाहिए. जितनी कार्य में देरी होगी उसी प्रतिमाह से पेनाल्टी बढ़ती जाती है.
बुजुर्ग और विकलांग के लिए नहीं है लिफ्ट
शासन ने नवीन हूजूर तहसील का निर्माण के लिए टेंडर जारी किया और उसका तीन मंजिला भवन निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है, लेकिन इसमें आगंतुकों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था नहीं की गई है. जबकि लिफ्ट के लिए रैंप का निर्माण किया गया है. यहां पर ग्रामीण क्षेत्र से विकलांग और बुजुर्ग भी आयेंगे. उनको सीढिय़ों से चढऩे में काफी परेशानी होगी. वहीं रेंप का निर्माण किया गया है लेकिन उसपर चलकर जाना विकलांग और बुजुर्गों के लिए कठिनाई होगी. जबकि अन्य नवीन भवन में लिफ्ट की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता है.
ना एसी लगे ना पंखा. ना फर्नीचर पूरे कार्य अधूरे
इस तीन मंजिला कार्यालय के निर्माण की अवधि 18 माह थी, जो कि फरवरी माह में पूरा हो चुका है. अभी पूरे कार्यालय भवन में ना एसी लगे हैं ना ही पंखे. वहां पर कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि अभी सिर्फ चार एसी आए है. अन्य अभी आना हैं. वहीं फर्नीचर का कार्य तो अभी शुरू भी नहीं हुआ है. कुछ फर्नीचर का सामान आ गया है जिसे अभी तैयार भी नहीं किया गया. वहीं पुताई का कार्य भी चल रहा है.
इनका कहना है
कंपनी के लिए निर्माण कार्य का दिया समय पहले ही पूरा हो चुका है. उसका समय बढ़ा दिया गया है. वहीं पेनाल्टी लगाना मेरे अधिकार में नहीं है, मुख्य अभियंता का अधिकार है. कार्य पूरा होने के बाद पेनाल्टी लगाई जाएगी.
शिरीन खान, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग भोपाल
