इंदौर: कल समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में नगर निगम को सभी करों और अन्य बकायादारों से एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राजस्व मिला है. पिछले साल 1 हजार करोड़ रुपए वसूली का खूब प्रचार प्रसार किया गया था, लेकिन आंकड़ा करीब 68 करोड़ रुपए कम प्राप्त हुए थे. खास बात यह है कि इस साल नगर निगम को जलकर, कचरा शुल्क सहित अन्य मदों से कम हुई है या इसको यूं भी कहा जा सकता है कि बकाएदारों ने टैक्स नहीं जमा किया.
नगर निगम ने बीते वित्तीय वर्ष में 11 सौ करोड़ राजस्व आय का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन उस लक्ष्य को निगम का राजस्व अमला प्राप्त नहीं कर सका है. निगम इस भरोसे में भी था कि इस साल एमओएस की राशि वसूल कर 3 सौ करोड़ रुपए ज्यादा राजस्व आय अर्जित कर लेगा, लेकिन उसमें भी आम जनता के बीच विरोध पनपने के डर मामला अटक गया.
बकायादारों से 25 करोड़ कम मिली आय
राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान ने बताया कि नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट राजस्व संग्रहण करते हुए 1047 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई है. यह राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 932 करोड़ राजस्व की तुलना में लगभग 155 करोड़ रुपए ज्यादा है. राजस्व प्रभारी ने बताया कि इस साल निगम को जलकर, भारी मात्रा में पानी, कचरा मार्केट, लायसेंस, कॉलोनी सेल, बिल्डिंग परमिशन एवं अन्य मद से शुल्क कम मिला हैं. हमको एक अनुमान के अनुसार बकायादारों से 25 करोड़ रुपए राजस्व आय कम मिली है.
