इंदौर:मानव तस्करी जैसे संवेदनशील अपराध की रोकथाम को लेकर बुधवार को एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई. ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुए इस सेमीनार में पुलिस, प्रशासन, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर इस मामले में बदलते स्वरूप और उससे निपटने की रणनीतियों पर चर्चा की.
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और इंटरनेशनल जस्टिस मिशन इंडिया के सहयोग से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में मानव तस्करी के बदलते रुझानः कानून प्रवर्तन की चुनौतियां एवं प्रतिक्रिया विषय पर विस्तृत परिचर्चा हुई. कार्यक्रम में सेवानिवृत्त डीजीपी डॉ. पीएम नायर मुख्य अतिथि रहे, जबकि पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे. इसके अलावा प्रो. आशा शुक्ला, डीआईजी (महिला सुरक्षा) डॉ. किरणलता केरकेट्टा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह, मदद फाउंडेशन के राजेशमणि त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए.
पीड़ितों के पुनर्वास, बचाव और पुनःएकीकरण पर भी हुई चर्चा
विशेषज्ञों ने मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सामाजिक-आर्थिक कारणों और जांच की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला. साथ ही पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण, अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी सशक्तिकरण को प्रभावी कार्रवाई के लिए जरूरी बताया. इस दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस अपराध पर अंकुश के लिए तुरंत कार्रवाई के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है. जागरूकता अभियान और जनसहभागिता के जरिए ही इस पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. कार्यशाला में मानव तस्करी के पीड़ितों के पुनर्वास, बचाव और पुनर्एकीकरण की प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई. अंत में सभी ने मिलकर इस अपराध के खिलाफ समन्वित और सशक्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया.
