इस्लामाबाद | पहले से ही भीषण आर्थिक संकट और कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान में आम जनता के चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है। पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने अप्रैल महीने के लिए एलपीजी (LPG) की कीमतों में 35 प्रतिशत की भारी वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले के बाद 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 924 पाकिस्तानी रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे अब एक सिलेंडर की कीमत 3,588.60 रुपये तक पहुंच गई है। मार्च में इसकी कीमत 2,664.88 रुपये थी, लेकिन अब प्रति किलोग्राम गैस की दर 304.15 रुपये निर्धारित की गई है, जिसने आम नागरिकों की जेब पर सीधा हमला बोला है।
गैस और तेल की कीमतों में इस ऐतिहासिक उछाल का सीधा संबंध खाड़ी क्षेत्र में जारी अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष से है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किए गए हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह बाधित कर दिया है। चूंकि पाकिस्तान अपनी जरूरत का 80 से 85 प्रतिशत तेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से इसी समुद्री मार्ग के जरिए मंगाता है, इसलिए सप्लाई रुकने और बीमा खर्च बढ़ने से घरेलू स्तर पर कीमतें अनियंत्रित हो गई हैं। पेट्रोलियम उत्पादों का पाकिस्तान के कुल आयात में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है।
क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच एक राहत भरी खबर वाशिंगटन से आई है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जल्द समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर लिया है और अगले दो से तीन सप्ताह में सेना वापस बुलाई जा सकती है। यदि यह युद्ध समाप्त होता है, तो तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा समय में पाकिस्तान के लिए ऊर्जा सुरक्षा और बढ़ती महंगाई को संभालना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।

