
छतरपुर। इमिलिया गांव में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह लचर नजर आ रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की कोटा दुकान महीने में मात्र चार दिन ही खोली जाती है, जिससे गरीब परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।
बीते दिन भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। निर्धारित समय के अनुसार सुबह 8 बजे राशन वितरण शुरू होना था, लेकिन सुबह 11 बजे तक भी सेल्समैन मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान करीब 75 परिवार अपने जरूरी कामकाज छोड़कर दुकान के बाहर इंतजार करते रहे।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ी, जिन्हें तेज धूप में घंटों खड़े रहना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह सेल्समैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और राशन वितरण व्यवस्था को नियमित एवं समयबद्ध बनाया जाए। उनका कहना है कि समय पर राशन मिलना उनका अधिकार है, जिसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
