दमोह: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव और केंद्रीय प्रभारी अधिकारी (सीपीओ) अजीत कुमार ने सोमवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा सहित तय इंडिकेटर्स पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से वंचित न रहे और सभी का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। संस्थागत प्रसव, एनीमिया नियंत्रण और टीकाकरण की स्थिति पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा टीकाकरण से न छूटे, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अजीत कुमार ने कहा कि मरीजों के इलाज में दवाओं के साथ पोषणयुक्त आहार भी जरूरी है। इस दिशा में जिले में फूड बास्केट वितरण की जानकारी अधिकारियों ने दी। सीएमएचओ डॉ. अठ्या ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और समाज के सहयोग से अभियान को मजबूती मिल रही है।शिक्षा विभाग की समीक्षा में स्कूलों के उन्नयन और मरम्मत कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 187, दूसरे में 102 और अब 135 स्कूल भवनों की मरम्मत की जा रही है। वहीं, 1 अप्रैल से छात्रों को पाठ्यपुस्तक वितरण शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 40 प्रतिशत पुस्तकें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
कृषि, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि संयुक्त सचिव के मार्गदर्शन से जिला सभी इंडिकेटर्स में बेहतर प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि जिले को 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला है, जिसके लिए प्रोजेक्ट समयसीमा में तैयार कर भेजा जाएगा।बैठक में नरवाई प्रबंधन, जैविक हाट, नेचुरल फार्मिंग और विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर ऋषिकेश विजय ठाकरे, एडीएम मीना मसराम, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने जिले के विजन डॉक्यूमेंट और पर्यटन से जुड़ी पुस्तकों का प्रस्तुतीकरण भी किया।
