केंद्र का राजकोषीय घाटा फरवरी तक लक्ष्य के 80 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली, 30 मार्च (वार्ता) केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 महीने में फरवरी 2026 तक पूरे वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमान के 80 प्रतिशत को पार कर गया है।

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक केंद्र सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति 27,91,943 करोड़ रुपये रही, जो संशोधित अनुमान का 82 प्रतिशत है। इस दौरान कुल व्यय 40,44,592 करोड़ रुपये रहा जो संशोधित अनुमान का 81.5 प्रतिशत है।

इस प्रकार, राजकोषीय घाटा 12,52,649 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह संशोधित अनुमान का 80.38 प्रतिशत है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में 15,68,936 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान व्यक्त किया था जिसे बाद में संशोधित कर 15,58,492 करोड़ रुपये कर दिया गया।

कुल प्राप्तियों में 21,45,223 करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5,81,173 करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 65,547 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।

इस अवधि के दौरान केंद्र द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के तौर पर 12,66,369 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि की तुलना में 85,837 करोड़ रुपये अधिक है।

कुल व्यय में 31,15,270 करोड़ रुपये राजस्व मद पर और 9,29,322 करोड़ रुपये पूंजी मद पर खर्च किये गये हैं। कुल राजस्व व्यय में 10,65,305 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के मद में और 3,89,610 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के मद में खर्च हुए।

 

Next Post

राहुल ने सबरीमाला विवाद को लेकर एलडीएफ पर साधा निशाना

Mon Mar 30 , 2026
पथानामथिट्टा, 30 मार्च (वार्ता) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) पर अपना हमला तेज करते हुए वायरल नारा “स्वर्णम कट्टवन आरप्पा?” (सोना किसने चुराया?) का इस्तेमाल किया जिससे सबरीमाला स्वर्ण विवाद केरल के चुनाव अभियान का एक केंद्रीय मुद्दा बन गया। पथानामथिट्टा […]

You May Like