नयी दिल्ली, 30 मार्च (वार्ता) विनिर्माण क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन से इस साल फरवरी में देश के औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इस साल जनवरी में इसमें 5.1 प्रतिशत और पिछले साल फरवरी में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में विनिर्माण क्षेत्र का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) छह प्रतिशत बढ़ा। खनन क्षेत्र में 3.1 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र में 2.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
विनिर्माण क्षेत्र लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है। चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीने में अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच इसकी वृद्धि दर पांच प्रतिशत दर्ज की गयी है। इस दौरान खनन क्षेत्र में 0.8 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र में 1.1 प्रतिशत की सुस्त वृद्धि रही। तीनों क्षेत्रों के आंकड़े मिलाकर पहले 11 महीने में आईआईपी वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत पर रही है। विनिर्माण क्षेत्र के 23 में से 14 समूहों में फरवरी में वृद्धि दर सकारात्मक रही। इस बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा योगदान आम धातुओं (13.2 प्रतिशत), मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर (14.9 प्रतिशत) तथा मशीनरी एवं उपकरण (10.2 प्रतिशत) का रहा।
उपयोग के आधार पर प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन 1.8 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं का 12.5 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं का 7.7 प्रतिशत, निर्माण उपकरणों का 11.2 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन 7.3 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी।

