
सागर। गौराबाई दिगंबर जैन मंदिर के डेढ सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य मे आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम के तहत जैन पाठशालाओ की शिक्षक शिक्षिकाओ का अधिवेशन मुनि श्री महासागर महाराज के सानिध्य मे संपन्न हुआ। अधिवेशन के मुख्य अतिथि ब्रम्हचारी भरत भैया और आचार्य आशीष सांगानेर रहे। मुनि श्री ने आशीर्वचन मे कहा कि मौलिक शिक्षा की होड मे बच्चे धर्म और नैतिकता से दूर होते जा रहे है। धार्मिक पाठशालाये उनमें संस्कारो का रोपण कर नैतिकता की ओर ले जा रही है। अधिवेशन मे वर्तमान मे संस्कार पाठशालाओ की आवश्यकता पर जोर दिया गया । इस अवसर पर संतोष जैन घड़ी, दिलीप रांधेलीय, अशोक वीर, डॉक्टर अरूण सिंघई,
अशोक फुसकेले, अशोक पिडरूआ, संतोष रांधेलीय, राकेश जैन चच्चाजी,सुनील जैन, डॉक्टर आशीष शास्त्री, सुरेन्द्र खुर्देलीय, सहित 26 पाठशालाओ की शिक्षिकाओ ने सहभागिता की।
