
बुधनी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत जोशीपुर में गुंजरी नर्मदा संगम घाट पर जनभागीदारी के माध्यम से किए जा रहे स्वच्छता सेवा कार्य का निरीक्षण किया और नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया.
इस अवसर पर मंत्री पटेल ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिसमें सभी की सहभागिता जरूरी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता और जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएं. उन्होंने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें तो स्वच्छता और जल संरक्षण के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान एक अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन है, जिसे हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझकर अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि आज हम जल स्रोतों को संरक्षित नहीं करेंगे, तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है. मंत्री श्री पटेल ने ग्रामीणों से कहा कि वे वर्षा जल संचयन, जल के समुचित उपयोग और जल स्रोतों की साफ-सफाई पर ध्यान दें. स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक समाज ही समृद्ध और सशक्त समाज की नींव रखता है. इस अवसर पर विधायक रमाकांत भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
अब तक 52 खेत- तालाबों का काम पूरा
अभियान के शुभारंभ से अब तक जिले के पांचों अनुभागों में अभी तक 52 खेत तालाब पूर्ण किए गए हैं. इसी प्रकार 264 डगवेल रिचार्ज कार्य भी पूर्ण किए गए हैं. शहरी विकास अभिकरण द्वारा अमृत 2.0 योजनांतर्गत जल संग्रहण संरचना जीर्णोद्धार के 03 कार्य, नदियों में मिलने वाले नालों के शोधन के 05 कार्य, नदियों-तालाबों एवं बावडिय़ों को अतिक्रमण मुक्त कराने संबंधी 05 कार्य, नाले नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यकरण के 32 कार्य, नगरीय निकायों वॉटर हार्वेस्टिंग स्थापना के 07 कार्य, नगरीय निकायों में हरित क्षेत्र विकास के 04 कार्य किए गए हैं. इसी प्रकार नगरीय निकायों में प्रमुख 14 स्थलों प्याउ की स्थापना की गई है। पीएचई विभाग द्वारा नल योजना के ऑपरेटरों के 18 प्रशिक्षण आयाजित किए जा चुके हैं.
