भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस को 28 मार्च को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित स्कॉच शिखर सम्मेलन 2026 में तीन प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यह सफलता पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के नेतृत्व तथा विभाग के जन-जागरूकता, डिजिटल शासन और साइबर अपराध नियंत्रण के समन्वित प्रयासों को दर्शाती है।
“नशे से दूरी है जरूरी” अभियान को नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के लिए सम्मानित किया गया। इस अभियान के माध्यम से 15 हजार से अधिक कार्यक्रमों द्वारा लगभग 22 लाख नागरिकों तक संदेश पहुंचाया गया। यह पुरस्कार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) डी. श्रीनिवास वर्मा ने प्राप्त किया।
“ई-समन/वारंट मॉड्यूल” को न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने, विलंब कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश इस प्रणाली को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जहां अब तक 28 लाख से अधिक ई-समन जारी किए जा चुके हैं। यह सम्मान हरिनारायणचारी मिश्र ने प्राप्त किया।
इसके अलावा, भोपाल पुलिस आयुक्तालय को साइबर अपराध की रोकथाम में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने ग्रहण किया।
