छुट्टियां निरस्त कर मंडी खुली रही, फिर भी नहीं बढ़ी आवक; इटारसी मंडी में लक्ष्य से काफी कम पहुंचा अनाज

इटारसी। मार्च 2026 में कृषि उपज मंडी प्रशासन द्वारा करीब एक सप्ताह की सरकारी छुट्टियां निरस्त कर नीलामी और खरीदी कार्य लगातार जारी रखा गया, इसके बावजूद मंडी में अनाज की आवक अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ सकी। खबर लिखे जाने तक इस माह कुल करीब साढ़े 16 हजार क्विंटल अनाज की आवक दर्ज की गई, जबकि अनुमान लगभग 50 हजार क्विंटल का था। इस तरह आवक का ग्राफ काफी नीचे रहा, जिसे संतोषजनक तो माना गया, लेकिन उम्मीदों से कम बताया जा रहा है।

मंडी में कम आवक के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। सबसे बड़ा कारण वर्ष 2025-26 में किसानों द्वारा धान की बासमती किस्म के बजाय क्रांति किस्म का रकबा बढ़ाना रहा। क्रांति धान की खरीदी शासकीय उपार्जन केंद्रों पर होने से मंडी में इसकी आवक कम रही।

दूसरा महत्वपूर्ण कारण यह रहा कि स्थानीय व्यापारियों ने करीब एक लाख क्विंटल अनाज बाहरी मंडियों से टैक्स पेड खरीद लिया, जिससे इटारसी मंडी में आवक घट गई और अन्य मंडियों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

तीसरा कारण मक्का फसल से जुड़ा रहा। बैतूल, केसला और बनापुरा क्षेत्र का मक्का, जो पहले इटारसी मंडी में बिकता था, इस बार सीधे बनापुरा मंडी क्षेत्र में ही खप गया, जिससे इटारसी की आवक पर असर पड़ा।

मंडी सचिव प्रशांत पांडे ने बताया कि आवक बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। निगरानी दल भी लगातार सक्रिय रहा, लेकिन इसके बावजूद आवक 16 से 17 हजार क्विंटल तक ही सीमित रही।

जानकारों के अनुसार, पहले जहां बासमती धान की आवक करीब सात लाख क्विंटल तक रहती थी और क्रांति धान का रकबा डेढ़ लाख क्विंटल के आसपास होता था, इस बार स्थिति उलट गई। क्रांति धान का रकबा बढ़ने से उन मंडियों की आवक में वृद्धि हुई, जहां उपार्जन केंद्र स्थित हैं।

हालांकि मंडी प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए छुट्टियां निरस्त कर मंडी खुली रखी गई, जिसका लाभ किसानों को मिला, लेकिन फसल पैटर्न में बदलाव के चलते आवक कम रहना स्वाभाविक माना जा रहा है। अब आगामी समीक्षा बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि किसानों ने बासमती की बजाय क्रांति धान को प्राथमिकता क्यों दी।

इनका कहना है

हमने कृषको की सुविधा के लिये पांच सरकारी अवकाश मंडी में निरस्त कर मंडी खुली रखी, हमने आवक बढ़ाने के सारे प्रयास किये, निगरानी दल ने लगातार चौकसी की इस माह मार्च में निरस्त की गईं छुटियो में आवक साढ़े सोलह हजार किवंटल रही जो अनुमान की 33% रही जबकि कुल आवक एक लाख बीस हजार किवटल आवक रही

मंडी सचिव प्रशांत पांडे कृषि उपज मंडी इटारसी

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