नई दिल्ली | पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘MyPNG-D’ पोर्टल लॉन्च किया है। इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब ग्राहक बिना गैस एजेंसी के चक्कर काटे अपना एलपीजी कनेक्शन ऑनलाइन सरेंडर कर सकेंगे। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने शुक्रवार को इस पहल की घोषणा करते हुए बताया कि उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या एलपीजी आईडी का उपयोग करके कुछ ही मिनटों में यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस डिजिटल बदलाव का मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई के बोझ को कम करना और उपभोक्ताओं के समय की बचत करना है।
‘MyPNG-D’ पोर्टल के शुभारंभ के पहले ही दिन इसे आम जनता की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन ही 1,797 जागरूक उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सफलतापूर्वक सरेंडर कर दिए हैं। सचिव नीरज मित्तल ने इन जिम्मेदार नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक प्रभावी कदम है। सरकार का मानना है कि जो लोग पहले से ही पाइपलाइन गैस (PNG) का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए दोहरे ईंधन कनेक्शन की आवश्यकता अब तकनीकी और नैतिक रूप से समाप्त हो गई है।
इस योजना के पीछे सरकार का बड़ा विजन उन गरीब परिवारों तक एलपीजी पहुंचाना है जो आज भी खाना पकाने के लिए पारंपरिक और हानिकारक ईंधनों पर निर्भर हैं। जब पीएनजी उपयोगकर्ता अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ते हैं, तो वे खाली सिलेंडर उन ग्रामीण क्षेत्रों तक भेजे जा सकेंगे जहां पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी स्वच्छ ईंधन मिल सकेगा। सचिव ने अपील की है कि अधिक से अधिक पीएनजी यूजर इस डिजिटल अभियान का हिस्सा बनकर राष्ट्र के ऊर्जा विकास और सामाजिक जिम्मेदारी में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

