इंदौर: श्री गुरुजी सेवा न्यास द्वारा युगप्रवर्तक डॉ हेडगेवार नाट्य का आयोजन किया गया. यह नाट्य नागपुर के नाट्य मंच नाद ब्रह्म द्वारा प्रस्तुत किया गया.नाट्य की शुरुआत वर्ष 1916 में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार की डॉक्टरी पढ़ाई पूर्ण होने के पश्चात कलकत्ता में अनुशीलन समिति में क्रांतिकारी के रूप में उनके योगदान से हुई. नाटक में बताया गया कि डॉक्टर साहब की राष्ट्रभक्ति, स्वयं सेवकों के प्रति आदर एवं प्रेम किस प्रकार रहता था इसका दर्शन कराया गया. 1935 से अत्यधिक स्वास्थ्य समस्या के बावजूद भी उनका संगठन एवं स्वयं सेवकों के प्रति समर्पण देखते बनता था.
1940 में उनका महाप्रयाण हुआ तब तक वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नींव मजबूत कर चुके थे. यहाँ तक कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों में भी उन्होंने देशभक्ति की अलख जगाने का कार्य किया. यह केवल नाट्य प्रस्तुति ही नहीं यह आंदोलन है राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का. आह्वान है- आओ मिलकर दिया जलाएं एक नया इतिहास बनाएं.
नाट्य मंच के निदेशक सुबोध सुरजीकर, लेखक डॉ अजय प्रधान, संगीत डॉ शैलेश दानी, व्यवस्थापक अरविंद उपाध्याय, प्रचार एवं प्रसाद रवीन्द्र सहस्त्रबुद्धे, गुरुजी के पात्र में अमोल तेलपांडे, लोकमान्य तिलक-मंगेश बावसे, गांधीजी एवं सावरकर- प्रशांत मंगदे, डॉ मुंजे- रमेश चंद्र दीक्षित, डॉक्टर जी की भूमिका में सतीश खेकाले ने अपनी नाट्य प्रस्तुति दी. मुख्य अतिथि दिनकर सबनीस- अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय महासचिव थे. विशेष अतिथि डॉ श्री मधु वर्मा विधायक, श्री विपिन कंधारी एवं योगेन्द्र महंत थे. संचालन सीए डॉ अभय शर्मा ने किया. अतिथि स्वागत श्री गुरुजी सेवा न्यास के अध्यक्ष मुकेश हजेला एवं पुरुषोत्तम गुप्ता ने किया.
