
छतरपुर। अगर आप छतरपुर में आशियाना बनाने या जमीन में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बजट का गणित बिगाड़ सकती है। जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया ‘रेट चार्ट’ फाइनल हो गया है। साफ है कि आने वाले दिनों में जिले के प्रमुख इलाकों में जमीन खरीदना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है।
इन इलाकों में मचेगा ‘महंगाई’ का शोर विकास की अंधी दौड़ और बढ़ती डिमांड का असर सबसे ज्यादा गढ़ा (बागेश्वर धाम) और मेडिकल कॉलेज रोड पर दिखने वाला है। प्रशासन ने इन ‘हॉटस्पॉट’ इलाकों में सरकारी दरों में 30 से 35 प्रतिशत तक के भारी उछाल का प्रस्ताव रखा है। रगौली जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में भी इसी रफ्तार से कीमतें बढ़ेंगी, जिससे यहाँ निवेश करना अब एक चुनौती होगा।
पुराने गढ़ अब भी ‘सबसे महंगे’
भले ही नए इलाकों में रेट तेजी से बढ़ रहे हों, लेकिन छतरपुर शहर के पुराने कमर्शियल हब आज भी अपनी बादशाहत बरकरार रखे हुए हैं। चौक बाजार और जवाहर रोड क्षेत्र जमीन की कीमत के मामले में अब भी ‘नंबर वन’ हैं।
चौक बाजार: ₹14,070 प्रति वर्ग मीटर।
सागर रोड: ₹13,555 प्रति वर्ग मीटर।
चूँकि यहाँ कीमतें पहले से ही चरम पर हैं, इसलिए नई गाइडलाइन में यहाँ ‘सीमित बढ़ोतरी’ का फॉर्मूला अपनाया गया है।
राहत और बढ़त का गणित
जिले की कुल 1901 लोकेशन्स का पोस्टमार्टम करने के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है:
जहाँ रेट बढ़ेंगे: 1474 जगह (औसत 16% की वृद्धि)।
जहाँ कोई बदलाव नहीं: 427 लोकेशन्स पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
यह पूरी कवायद पिछले एक साल में हुए विकास कार्यों और रजिस्ट्री के आंकड़ों पर आधारित है। जहाँ रजिस्ट्रियां ज्यादा हुईं और जहाँ सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे मेडिकल कॉलेज) पहुँचा, वहाँ कीमतों में आग लगना तय माना जा रहा है। 1 अप्रैल से ये नई दरें लागू होने की संभावना है, जिससे प्रॉपर्टी मार्केट की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।
