राजबाड़ी (बांग्लादेश) | बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में बुधवार शाम एक हृदयविदारक घटना घटी, जब लगभग 50 यात्रियों को लेकर ढाका जा रही एक निजी बस दौलतदिया फेरी टर्मिनल नंबर 3 के पास अनियंत्रित होकर पद्मा नदी में गिर गई। चश्मदीदों के अनुसार, बस उस समय फेरी पर सवार होने की कोशिश कर रही थी, तभी वह गहरे पानी में समा गई। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 23 यात्रियों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
पुलिस इंस्पेक्टर रसेल मोल्लाह ने जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस, नौसेना और तटीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने गोताखोरों के साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात के करीब 11:30 बजे बचाव जहाज ‘हमजा’ की क्रेन की मदद से डूबी हुई बस को नदी से बाहर निकाला गया। हालांकि, भारी अंधेरे और नदी के तेज बहाव के कारण देर रात ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि लापता यात्रियों की तलाश के लिए गुरुवार सुबह पहली किरण के साथ फिर से सघन तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा।
नदी के किनारे अपने प्रियजनों की तलाश में जुटे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे में सुरक्षित बचे अब्दुल अजीजुल ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि वे तो तैरकर किनारे आ गए, लेकिन अपनी पत्नी और बच्चे को आंखों के सामने डूबते हुए नहीं बचा सके। प्रशासन ने टर्मिनल के पास एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है ताकि प्रभावित परिवारों को जानकारी दी जा सके। ढाका से 128 किलोमीटर दूर हुए इस हादसे ने एक बार फिर फेरी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच के आदेश उच्च अधिकारियों द्वारा दे दिए गए हैं।

