इंदौर:महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी प्रयोगशाला को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से प्रमाणित करा लिया है. नवंबर 2025 में मिला यह प्रमाणन एमजीएम को मप्र का पहला ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाता है, जिसकी लैब को यह प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है.
यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला में होने वाली सभी जांचें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सटीक और विश्वसनीय हैं.
इससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा मिल सकेगी, वहीं, चिकित्सकों को सही निदान में मदद मिलेगी, जिससे इलाज और अधिक प्रभावी होगा. एनएबीएल मान्यता का अर्थ है कि प्रयोगशाला अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) के मानकों पर कार्य कर रही है. इसके तहत नियमित गुणवत्ता नियंत्रण, निरीक्षण और ऑडिट की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे सेवाओं का स्तर लगातार बेहतर बना रहता है.
इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर मजबूत होगा आमजन का भरोसा
सरकारी संस्थान के रूप में यह उपलब्धि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे अन्य चिकित्सा संस्थानों को भी गुणवत्ता सुधार के लिए प्रेरणा मिलेगी और आमजन का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर और मजबूत होगा. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि एनएबीएल मान्यता संस्थान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रतीक है. यह प्रमाणन प्रयोगशाला की सटीकता और वैज्ञानिक दक्षता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करता है और प्रदेश के अन्य चिकित्सा शिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है.
