आतंकवादी संगठन के सदस्यों की सजा पर पाकिस्तान को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं: भारत

नयी दिल्ली 25 मार्च (वार्ता) भारत ने न्यायालय की ओर से दोषी साबित किए गए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के सदस्यों के बारे में पाकिस्तान के बयान को सिरे से खारिज करते हुए जोर देकर कहा है कि भारतीय न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।

पाकिस्तान ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के सदस्यों को भारतीय न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने की निंदा करते हुए इस पर सवाल उठाया था।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में बुधवार को कहा, ” हम पाकिस्तान द्वारा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन और उसके सदस्यों के समर्थन में जारी किए गए बयान को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं। भारत के आंतरिक मामलों या उसकी न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसा देश, जो लंबे समय से आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है, उसने हिंसा और निर्दोष लोगों की हत्या को सही ठहराने वाला ऐसा बयान दिया है।”

उन्होंने कहा कि झूठ और निरर्थक कहानियों को फैलाने के बजाय, पाकिस्तान को उन गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर आत्मचिंतन करना चाहिए, जिन्हें वह लगातार अंजाम देता रहा है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने एक बयान जारी कर दिल्ली की एक अदालत द्वारा आसिया अंद्राबी को आजीवन कारावास की सजा और उसकी साथी फहीमीदा सोफी तथा नाहिदा नसरीन को दी गई सज़ाओं की निंदा की थी। उसने जम्मू और कश्मीर में मानवाधिकारों को लेकर भी सवाल उठाया था।

 

 

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