जबलपुर: शा. महाविद्यालयीन आदिवासी कन्या छात्रावास, राईट टाउन की छात्राओं ने अधीक्षिका पर लगातार प्रताड़ना और अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। छात्राओं ने शिकायत में कहा कि अधीक्षिका द्वारा न केवल उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं बल्कि अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग किया जाता है।छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका ने उन्हें क्षेत्र संयोजक रीता पटैल और सहायक आयुक्त जी. के. दुबे के नाम पर धमकियां दी हैं। इसके अलावा, छात्राओं के बीच अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उनकी एकता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
साफ-सफाई और सुरक्षा की समस्या
शिकायत में कहा गया है कि छात्रावास में साफ-सफाई का उचित ध्यान नहीं रखा जाता। छात्रावास के टॉयलेट और भोजन कक्ष में गंदगी होने के साथ-साथ वहां चूहे जैसी गंदगी भी देखी गई है। वहीं, अधीक्षिका छात्रावास में लगातार उपस्थित नहीं रहतीं, जिससे आपातकालीन स्थिति में छात्राओं की सुरक्षा जोखिम में है।
अध्ययन और भोजन पर लगाया प्रतिबंध
छात्राओं ने यह भी शिकायत की कि उनकी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी अधीक्षिका की ओर से दबाव बनाया जाता है। छात्राओं को एक साथ खाने की सुविधा नहीं दी जाती, और इस कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
छात्राओं ने संभागीय उप-आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग और सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, जबलपुर से आग्रह किया है कि अधीक्षिका को तत्काल निलंबित किया जाए और एस.डी.एम. स्तर के अधिकारी द्वारा प्रकरण की जांच कराई जाए। साथ ही छात्रावास में किसी एस.सी./एस.टी. समुदाय के अधीक्षक की नियुक्ति करने की मांग भी की गई है।
