इंदौर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सकों और स्टॉफ को मिलने वाली इंसेंटिव राशि अब हर माह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए सीधे उनके खातों में पहुंचेगी. लंबे समय से लंबित भुगतान की समस्या को भी दूर करते हुए पिछले दो माह में करीब 3 करोड़ रुपए का बकाया वितरण कर दिया है, जिससे डॉक्टरों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है.
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घंघोरिया ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज करने वाले डॉक्टरों व स्टॉफ के लिए आईसीआईसीआई बैंक के सॉफ्टवेयर के माध्यम से नई व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत वर्ष 2023 और 2024 के लंबित भुगतान भी जारी कर दिए हैं, वहीं अब हर माह इंसेंटिव राशि स्वतः संबंधित खातों में ट्रांसफर हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में विशेष मेहनत कर सभी पात्र डॉक्टरों, नर्सिंग स्टॉफ, वार्ड बॉय सहित योजना से जुड़े कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है. इस प्रक्रिया में आयुष्मान टीम, कोऑर्डिनेटर्स, सुपरवाइजर्स और नोडल अधिकारियों की अहम भूमिका रही.
पूरी तरह पारदर्शी और आसान है सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टरों का इंसेंटिव सीधे उनके खातों में और अस्पतालों का भुगतान संबंधित सुपरिटेंडेंट के खातों में पहुंच रहा है. यह सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी और आसान है, जिससे भुगतान में देरी की समस्या खत्म हो गई है, डॉ. घंघोरिया के अनुसार, इस पहल से डॉक्टरों और स्टॉफ का मनोबल बढ़ेगा और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज इस योजना को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके.
