सारनी: पाथाखेड़ा क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड डब्ल्यूसीएल पाथाखेड़ा की भूमिगत कोयला खदानों में पिछले 23 दिनों से काम बंद होने के बावजूद ठेका मजदूरों को न तो कार्य पर वापस लिया गया और न ही उनका पूर्ण वेतन खातों में डाला गया। करीब डेढ़ माह से वेतन भुगतान को लेकर संघर्ष कर रहे मजदूर अब आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।
मजदूरों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ठोस कार्रवाई करने में असफल रहा है। समाजसेवी नेताओं द्वारा लगातार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। प्रशासन की कार्रवाई भी अत्यंत धीमी गति से चलती दिखाई दे रही है, जिससे मजदूरों में गहरा आक्रोश पनप रहा है।
सूत्रों के अनुसार, वर्षों से वेतन भुगतान में अनियमितताओं का खेल चल रहा है। आरोप है कि बिना मजदूरों के हस्ताक्षर के ही वीवी स्टेटमेंट और सैलरी स्लिप तैयार कर ठेकेदारों को लाखों रुपये के बिल पास कर दिए जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां एक ओर गरीब मजदूर असहनीय पीड़ा झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदार और कुछ प्रबंधन अधिकारी लाभ उठा रहे हैं। समाजसेवी नेताओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के ढीले रवैए को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
