सतना :पिछले सप्ताह भर से तापमान में हो रही लगातर बढ़ोत्तरी ने मार्च महीने में भी पारे के 40 डिग्री तक पहुंच जाने के संकेत देने शुरु कर दिए थे. लेकिन शुक्रवार की सुबह मौसम ने कुछ इस कदर करवट बदली कि दिन का अधिकतम तापमान में 10 डिग्री नीचे गिर गया. मौसम विभाग द्वारा शनिवार को इसी तरह की मौसमी गतिविधि जारी रहने की जताई जा रही संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में खड़ी फसल की चिंता सताने लगी है.
मौसम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को शहर में दिन का अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस लिहाज से देखा जाए तो अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में न सिर्फ 10.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई. बल्कि यह सामान्य की तुलना में 8.1 डिग्र्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया. हलांकि मौसम विभाग द्वारा मौसमी गतिविधि में फेरबदल के संकेत पहले से ही दिए जा रहे थे. लेकिन इसका असर सतना में पडऩे की संभावना कम ही नजर आ रही थी.
इसके बावजूद भी शुक्रवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली और काले घने बादल आसमान पर छा गए. देखते ही देखते बादलों की गडग़ड़ाहट और चमक के बीच तेज हवाएं चलने लगीं. इस दौरान सबह सवेरे अंधेरा सा छाया रहा. हलांकि इस दौरान मामूली बूंदाबांदी भी देखने को मिली. लेकिन उसकी तासीर इतनी नहीं थी कि मौसम कार्यालय द्वारा उसे ट्रेस किया जा सके. अलबत्ता मौसमी फेरबदल के दौरान शहर सहित जिले भर में 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं. कुछ समय बाद हवाओं की गति मंद पड़ गई. लेकिन बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान को बढऩे से रोक दिया.
देर शाम शुरु हुई बारिश
मौसमी फेरबदल शुक्रवार की सुबह अपना असर दिखाने के बाद शांत पड़ता नजर आने लगा था. लेकिन देर शाम होते ही मौसम ने एक बार फिर से करवट लेनी शुरु कर दी. शहर के साथ-साथ मैहर और मझगवां सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरु हो गया. बारिश का यह क्रम रात में समाचार लिखे जाने तक जारी रहा. मौसम में आए इस परिवर्तन को देखते हुए उन कियानों को चिंता सताने लगी जिनकी चने और गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी है. हलांकि गनीमत इस बात की रही कि जिले में ओलावृष्टि की सूचना नहीं मिली.
