उज्जैन: क्षिप्रा तट पर स्नान के मद्देनजर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में सड़क चौड़ीकरण का बड़ा प्लान बनाया गया है, जिसमें मुंबई वाले की धर्मशाला क्षेत्र से ही रामघाट का दृश्य स्पष्ट दिखाई देने लगेगा. इससे श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान होगा, स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पर्याप्त स्थान मिलेगा और बाबा महाकाल की सवारी के दौरान रामघाट पर होने वाला पूजन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा.
सिंहस्थ 2028 में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में यह योजना साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. हालांकि, वर्षों से यहां रह रहे मकान-दुकान मालिकों के सामने अब नए विकल्प तलाशने की चुनौती भी खड़ी हो गई है.
रहवासियों में मचा हड़कंप
नोटिस मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई है. कई लोग अपने निर्माणों के भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावितों को नियमानुसार विकल्प और मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
हरसिद्धि की पाल से प्रजापति धर्मशाला तक
मोक्षदायिनी मां शिप्रा के तट पर वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों ने अब शहर के प्रमुख धार्मिक मार्गों का स्वरूप बदलना शुरू कर दिया है. प्रशासन और नगर निगम ने हरसिद्धि की पाल से लेकर रामघाट तथा मुंबई वाले की धर्मशाला से मोढ़ की धर्मशाला तक सड़क चौड़ीकरण की योजना पर काम तेज कर दिया है. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मकान और दुकान वर्षों से बने हुए हैं, जिनमें से करीब 50 निर्माण सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं.
महाकाल की सवारी और सिंहस्थ
दरअसल, बाबा महाकाल की सवारी हर वर्ष शिप्रा तट तक पहुंचती है और सिंहस्थ के दौरान भी साधु-संतों की पेशवाई तथा करोड़ों श्रद्धालुओं का आवागमन इसी क्षेत्र से होता है. मौजूदा समय में यह सड़क कई स्थानों पर संकरी और भीड़भाड़ वाली है, जिससे धार्मिक आयोजनों और महाकाल की सवारी के दौरान व्यवस्थाएं चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं. ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं, संतों और स्थानीय रहवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण की नई योजना तैयार की है.
200 मीटर के नोटिस से हड़कंप
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में किए गए सर्वे और एनजीटी प्रकरण के चलते हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर नगर निगम ने 200 मीटर चौड़ीकरण के मुद्दे पर भी पृथक् से नोटिस बांटे गए हैं, जो एक अलग प्रक्रिया है, अभी इस मामले में चिंतन मंथन चल रहा है, स्थान स्तर पर चल रहा है. वहीं अगला डायरेक्शन आने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा. यदि एनजीटी व हाई कोर्ट वाले विषय पर 200 मी का मामला आगे बढ़ा तो इधर की सूरत ही बदल जाएगी.
दो झोन ने बांटे नोटिस
झोन क्रमांक-2 और झोन क्रमांक-3 के तहत प्रभावित लोगों को नोटिस वितरित किए गए हैं. हरसिद्धि की पाल से लेकर प्रजापति धर्मशाला तक भी नोटिस बांटे गए हैं.
किसी को मुआवजा किसी को एफएआर
सेंट्रल लाइन से 4.30 मीटर के भीतर आने वाले मकान-दुकानों के लिए एफएआर और टीडीआर की सुविधा दी जाएगी, जबकि 4.30 मीटर से अधिक हिस्से में प्रभावित निर्माणों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा.
