
शाजापुर। रोजमर्रा की तरह जंगल में बकरियां चराने गया एक परिवार शुक्रवार को अचानक मधुमक्खियों के खौफनाक हमले का शिकार हो गया. जंगल में स्थित एक देव स्थान पर किसी श्रद्धालु द्वारा जलाई गई धुनी के धुएं से भडक़ीं मधुमक्खियों ने परिवार पर इस कदर कहर बरपाया कि चीख पुकार मच गई. इस जानलेवा हमले में एक ही परिवार के चार सदस्य बुरी तरह घायल हो गए हैं, ग्रामीणों की सतर्कता से उनकी जान बच सकी और फिलहाल सभी का जिला अस्पताल में उपचार जारी है.
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोपीपुर लोहरवास की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव का एक परिवार शुक्रवार को अपनी बकरियां लेकर पास के जंगल में गया हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि जंगल में स्थित एक बड़े पेड़ पर मधुमक्खियों का विशाल छत्ता लगा हुआ था. उसी पेड़ के नीचे स्थित देव स्थान पर किसी ने धुनी लगा दी थी जिसके धुएं और हवा के झोंके के कारण मधुमक्खियां अचानक उग्र हो गईं और उन्होंने पास ही मौजूद मदनलाल 70 वर्ष, उनकी पत्नी उमराव बाई 65 वर्ष, रोहित 17 और शिवानी 18 वर्ष पर हमला बोल दिया. यह हमला इतना भीषण था कि पीडि़तों को वहां से भागने या संभलने तक का मौका नहीं मिला. मधुमक्खियों के झुंड ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर शरीर पर कई जगह डंक मारे.
ग्रामीणों ने देशी जुगाड़ से बचाई जान…
मधुमक्खियों के हमले से घबराए घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने समझदारी दिखाई और तुरंत घास फूस जलाकर धुआं किया. अन्य देसी तरीकों और धुएं की मदद से किसी तरह मधुमक्खियों को वहां से भगाया गया और घायलों को उनके चंगुल से छुड़ाया गया.
इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है उपचार…
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को एक वाहन के जरिए शाजापुर जिला अस्पताल लाया गया. घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बिना देरी किए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया है. अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मधुमक्खियों के जहर डंक के कारण घायलों के शरीर पर काफी सूजन आ गई है और उन्हें तेज बुखार की शिकायत है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी की हालत स्थिर बनी हुई है और वे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सघन निगरानी में हैं.
