नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न संकट का असर अब भारत के व्यापार पर भी साफ नजर आने लगा है। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार लगभग 1000 करोड़ रुपये का वॉर-रिस्क बीमा फंड तैयार करने की योजना बना रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखा जा सके।दरअसल, होर्मुज मार्ग वैश्विक तेल और व्यापारिक जहाजों के लिए बेहद अहम है।
यहां तनाव बढ़ने से भारतीय निर्यात पर भी खतरा मंडरा रहा है। अनुमान है कि हर महीने अरबों डॉलर के निर्यात प्रभावित हो सकते हैं।इस संकट का सबसे ज्यादा असर पेट्रोलियम, केमिकल और अन्य निर्यात-आधारित क्षेत्रों पर पड़ रहा है। जहाजों की आवाजाही में देरी, बीमा लागत में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन में बाधा जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
सरकार का यह प्रस्तावित फंड ऐसे जोखिम भरे हालात में भारतीय जहाजों और व्यापारियों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा, जिससे निर्यात गतिविधियों को बनाए रखने में मदद मिल सकेगी।
