भुवनेश्वर, (वार्ता) भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) को जलवायु-अनुकूल, नवीकरणीय जल बुनियादी ढांचे और मल-कीचड़ प्रबंधन तथा संसाधन पुनर्प्राप्ति में अपने अभिनव प्रयासों की पहचान के रूप में ‘वैश्विक स्थिरता और नवाचार पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है।
यह पुरस्कार 24 मार्च को नयी दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान बीएमसी के अधिकारियों को प्रदान किया जाएगा। महापौर सुलोचना दास और आयुक्त चंचल राणा ने इस प्रतिष्ठित सम्मान पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि बीएमसी की टीम के सामूहिक प्रयासों के कारण संभव हो पाई है, जिसमें अधिकारी, कर्मचारी, पार्षद, सफाई कर्मचारी और भुवनेश्वर के नागरिक शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बीएमसी क्षेत्र भर में लगभग 30 सौर-ऊर्जा संचालित जल कियोस्क कार्यरत हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल जल पहुंच को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बसुआघाई में, उन्नत तकनीकों का उपयोग करके मल-कीचड़ का वैज्ञानिक रूप से उपचार किया जाता है। उपचारित जल का पुनः उपयोग किया जाता है, जबकि कीचड़ को खाद में बदल दिया जाता है।
विशेष बात यह है कि यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि अनुपचारित कचरा जल निकायों या पर्यावरण को दूषित न करे। बीएमसी ने उपचार प्रक्रिया में लगे तीसरे लिंग (थर्ड-जेंडर) के कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय शुरू किए हैं। ये पहलें भुवनेश्वर को एक स्वच्छ, हरा-भरा और सतत रूप से रहने योग्य शहर बनाने के बीएमसी के महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इन व्यापक प्रयासों की गहन जांच के बाद, ‘अर्थ वाटर फाउंडेशन’ ने बीएमसी को इस प्रतिष्ठित वैश्विक पुरस्कार के लिए चुना है।
