ग्वालियर:भारतीय नववर्ष और विक्रम संवत् 2083 के मंगल आगमन के उपलक्ष्य में ग्वालियर में ‘विक्रमोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन हो रहा है। जिला स्तरीय मुख्य समारोह प्रात: नगर निगम स्थित बाल भवन सभागार में प्रारंभ हुआ।
सूर्य आराधना से हुई नववर्ष की शुरुआत
समारोह की शुरुआत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिवेश में हुई। परंपरा का निर्वहन करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिकों ने सामूहिक रूप से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इस विशेष उपासना के माध्यम से देश और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की गई।
मंच पर जीवंत हुआ इतिहास: ‘कोटि सूर्योपासना’
विक्रमोत्सव का मुख्य आकर्षण सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति रही। हरेन्द्र नाट्य एवं लोक कला समिति, ग्वालियर ने मंचन किया। निर्देशक हिमांशु द्विवेदी थे। यह नाटक सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, शौर्य और उनकी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक मंच पर जीवंत करता दिखा।
