इंदौर:किरायेदारी विवाद में राहत पाने के लिए दंपति ने फर्जी भाड़ा चिट्ठी तैयार कर उस पर जाली हस्ताक्षर कर न्यायालय को गुमराह किया. आरोपियों की मंशा मकान खाली न करना और बाजार दर से करीब आधा किराया देना बताई जा रही है. पुलिस ने मामले को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए केस दर्ज किया है.एमआईजी थाना प्रभारी सीबी सिंह ने बताया कि फरियादी महेश चंद्र अग्रवाल उम्र 61 साल ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके किराएदार सुरेश अंगलानी और आशा अंगलानी ने सोची-समझी योजना के तहत कूटरचित भाड़ा चिट्ठी तैयार करवाई.
इस दस्तावेज पर फरियादी के जाली हस्ताक्षर किए गए और उसे न्यायालय में पेश कर तात्कालिक राहत लेने का प्रयास किया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर किरायेदारी जारी रखने और किराया कम करने की कोशिश की. मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
