
जबलपुर। जबलपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में सोमवार को हुए एक जोरदार धमाके से अफरा-तफरी मच गई। दोपहर के वक्त अचानक हुए धमाके से वहां मौजूद अधिवक्ताओं के होश उड़ गए। बताया गया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के बाहर कागज़ से लिपटा एक सुतली बम असामाजिक तत्वों द्वारा फोड़ा गया। जिसके दाब के चलते सभी अधिवक्ता बिल्डिंग से बाहर निकल आए। कोर्ट परिसर में इस तरह से बम फोड़ने की शरारत ने सुरक्षा व्यवस्था पर अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि छानबीन के बाद ही इन सवालों पर विराम लग सकेगा कि आखिर ये धमाका किस लिए किया गया था। बम फटने के बाद अधिवक्ताओं ने परिसर में यहां-वहां घूम कर यह जानने का प्रयास किया कि धमाका कहां और कैसे हुआ था।
घटना की जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस
बता दे कि सोमवार दोपहर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में बम फटने की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने विस्फोट वाली जगह पर जाकर छानबीन की और पता लगाने का प्रयास किया कि धमाका किस वजह से हुआ था, हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है। मगर इस तरह से अचानक हुए धमाके से जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में क्या खुलासा होता है।
सुरक्षा में बड़ी चूक
अधिवक्ताओं ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस से मामले की जांच करने की गुजारिश की है। वहीं अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाके के पीछे की मुख्य वजह क्या रही है। बता दे कि अधिवक्ताओं और लोगों द्वारा काफी खोजबीन के बाद जिला न्यायालय में बम में इस्तेमाल कागज़ के टुकड़े मिले है।
पहले भी हो चुकी है वारदात
बता दे कि ऐसी वारदात पहले भी जबलपुर के जिला न्यायालय परिसर में हो चुकी है। बात 16 मई 2023 की जब न्यायालय परिसर में हुए जोरदार धमाके से अफरा-तफरी मच गई थी। इस धमाके से बिल्डिंग में दरार तक आ गई थी। वही अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट परिसर में बम फेंकने की आशंका भी जताई गई थी।
इनका कहना है
इस तरह से न्यायालय परिसर में बम फोड़ने की वारदात को अंजाम देना एक चिंता का विषय है। ऐसे कृत्य सुरक्षा में लगे जिम्मेदारों की चूक का नतीजा है।
अधि. ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, सचिव, जिला अधिवक्ता संघ
सभी विषयों पर गहराई से जांच की जा रही है जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
राजपाल सिंह बघेल, थाना प्रभारी, ओमती
