राष्ट्रीय लोक अदालत: 2153 मामलों का समझौते से हुआ समाधान

सीधी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार आज 14 मार्च को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रयागलाल दिनकर, विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत यतीन्द्र कुमार गुरू, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार शिवहरे एवं अन्य न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय परिसर एडीआर भवन में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि नेशनल लोक अदालतें सस्ता, सुलभ और शीध्र न्याय प्राप्त करने का सर्वोत्तम मंच है जहां आपसी सहमति से विवादों का समाधन कर पक्षकार आपसी वैमनस्यता समाप्त करते हुए समय एवं धन की बचत कर सकते हैं। इस लोक अदालत में विद्युत विभाग, नगर पालिका, इंश्योरेंस कंपनी, अधिवक्तागण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ प्रचार-प्रसार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस वर्ष की प्रथम लोक अदालत की सफलता के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं। जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने बताया कि समस्त न्यायाधीश एवं अधिवक्तागण के सहयोग से नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय सीधी में 13 खंडपीठें, व्यवहार न्यायालय चुरहट में 4, मझौली में 2 व रामपुर नैकिन में 3 खंडपीठे गठित की जाकर कुल 22 न्यायिक खंडपीठें गठित की गई थी। नेशनल लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, निगोशियेबल इस्ट्रूमेंट एक्ट अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय तथा नगर पालिका के जलकर से संबंधित प्रकरणों के सहित विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त बैंकों के ऋण वसूली मुकदमा पूर्व प्री-लिटिगेशन के प्रकरण इस लोक अदालत में निपटारे हेतु रखे गये।

नेशनल लोक अदालत में इन प्रकरणों का हुआ निराकरण

सीधी, चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित कुल 389 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें सभी प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसी प्रकार कुल 4918 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 1764 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 2153 प्रकरणों का निराकरण हुआ। मोटर दुर्घटना दावा के अंतर्गत 25 क्लेम प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें पक्षकारों को 1,16,17,000 रूपये की क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त हुई। विद्युत अधिनियम से संबंधित एवं न्यायालय में लंबित लगभग 85 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें करोडो रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा विद्युत के 415 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 52,39,000 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। नेशनल लोक अदालत में 1,22,33,506 रूपये के चेक बाउंस के 23 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में 168 आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों, 32 वैवाहिक प्रकरणों, 33 सिविल प्रकरणों तथा 22 अन्य प्रकरणों का निराकरण सफलतापूर्वक किया गया। नेशनल लोक अदालत में बैंक वसूली के 383 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें विभिन्न बैंकों को 12531418 रूपये की राशि प्राप्त हुई। नगरीय निकाय के अंतर्गत जलकर कर के 487 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें नगरीय निकायों को लगभग 5,07,880 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले पक्षकारों को वन विभाग की ओर से नि:शुल्क 400 फलदार पौधे प्रदान किये गये।

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