सतना :जबलपुर से चलकर रीवा की ओर जा रही शटल ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच उस वक्त हडक़ंप मच गया जब ट्रेन के कोच से धुआं निकलने लगा. गनीमत यह रही कि उचेहरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के मौजूद रहने के कारण आनन-फानन में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जांच और सुधार करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग गया, जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया.जबलपुर रीवा एक्सप्रेस 11705 यानी शटल ट्रेन ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे जैसे ही उचेहरा रेलवे स्टेशन की ओर प्रवेश किया वैसे ही उसके एक कोच से जबरदस्त धुआं उठने लगा. कोच से धुआं उठता देख उसमें सवार यात्रियों के बीच दहशत फैल गई.
किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर कोच में सवार सभी यात्री भागते हुए बाहर निकल आए. इस दौरान कुछ देर तक यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति भी देखने को मिली. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर मौजूद रेला अमला भी फौरन सक्रिय हो गया. कोच में सवार सभी यात्रियों को बाहर निकालने के बाद जांच शुरु की गई. यात्रियों ने रेल कर्मचारियों को बताया कि कोच के नीचे के पहियों से तेज घिसटने की आवाज आ रही थी.
जिसके चलते चिंगारी उठने लगी. इसी कड़ी में जबरदस्त तरीके धुआं उठने लगा. जिसे देखते हुए रेल कर्मियों ने उक्त कोच के पहियों की जांच शुरु की. जांच में पाया गया कि पहियों के ब्रेक जाम हो गए थे. ब्रेक शू के पहियों से पूरी तरह चिपक जाने के कारण तेज रगड़ के साथ ङ्क्षचगारी उठने लगी और इसी वजह से धुआं भी उठने लगा. रेल कर्मियों द्वारा ब्रेक को ढीला कर वापस उसके उचित स्थान पर लाया गया. जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया. इस घटना के चलते जबलपुर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन 36 मिनट तक उचेहरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही.
सतना में दोबारा हुई जांच
उचेहरा रेलवे स्टेशन पर हुई घटना को बाद जबलपुर रीवा एक्सप्रेस जब सतना पहुंची तो वहां पर पहले से ही तैयार रेल अमले द्वारा तकनीकी जांच की गई. जिसके बाद ट्रेन को रीवा के लिए रवाना किया गया. हलांकि पहियों के ब्रेक ब्लाक हो जाने अथवा ब्रेक बाइंडिंग को इस घटना के पीछे की वजह माना जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद भी मंडल द्वारा मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जिसमें लोको पायलट और गार्ड सहित अन्य रेल कर्मियों के बयान भी लिए जाएंगे. इस मामले में किसी की लापरवाही सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई भी हो सकती है.
