
ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम में शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर पेश किए गए बजट पर हंगामा हुआ। पेश किए गए 2391 करोड़ रुपये के बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई। बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों द्वारा कुल 14 संशोधन प्रस्ताव भी लगाए गए थे, जिनमें से 4 को अस्वीकार करते हुए सभापति ने अंततः बजट को पारित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष हरिपाल ने निगम की आर्थिक स्थिति को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इतिहास में पहली बार आर्थिक स्थिति इतनी खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम को अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर लोन लेना पड़ रहा है, जबकि एफडी को सामान्यतः आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है और उसे तोड़ा नहीं जाता।
महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट शहर के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, इसलिए वे हर मुद्दे पर उन्हें निशाना बनाते हैं। नगर निगम के इस बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। करोड़ों के विकास कार्य होंगे। शहर में आवारा श्वानों के लिए 5 शेल्टर हाउस बनाने की योजना शामिल है। पेयजल और सीवर व्यवस्था के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें निगम को 25 से 30 प्रतिशत राशि वहन करनी होगी। इसके अलावा सड़कों और नालियों के निर्माण पर 500 करोड़ रुपये तथा जनकार्य मद में सड़क, डामर, आरसीसी और नालियों पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सामुदायिक भवन और पार्क विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें चंबल नदी के कोतवाल बांध से पानी लाने की योजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं वार्ड 61 से 66 में पेयजल व्यवस्था सुधारने और नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 450 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
