मुंबई, 13 मार्च (वार्ता) अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुक्रवार को 5 पैसे और टूट कर रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
कारोबार की समाप्ति पर डॉलर कल की तुलना पांच पैसे और तेज हो कर 92.30 रुपये के भाव पर चल रहा था। रुपया इस समय डॉलर के मुकाबले अपने रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर है। कल रुपये की विनिमय दर में प्रति डॉलर 24 पैसे की तेज गिरावट हुई थी। कल का बंद भाव 92.25 रुपये प्रति डॉलर था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल, घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली और पिछले कुछ महीनों से मंहगाई दर में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
एलकेपी सिक्यूरिटीज के वाइस प्रेजिडेंट – रिसर्च एनालिस्ट (जिंस एवं विदेशी विनिमय) जतीन त्रिवेदी ने रुपये पर दबाव को लेकर कहा , ‘ चिंता बढ़ रही है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो भारत का राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है।तेल की ऊंची कीमतें देश के आयात बिल और सब्सिडी बोझ को बढ़ाती हैं, जिससे चालू खाता और सरकारी वित्त दोनों पर दबाव पड़ सकता है।”
श्री त्रिवेदी ने कहा, ‘ यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो रुपये के लिए दृष्टिकोण सावधानीपूर्ण बना रहेगा, क्योंकि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने व्यापक आर्थिक चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं। निकट अवधि में रुपये के प्रति डॉलर 91.90–92.80 के दायरे में रहने की संभावना है।कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर इंडेक्स की दिशा रुपये में उतार चढ़ाव के प्रमुख कारक बने रहेंगे।”
