
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने एमबीए के 29 छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने का राहतकारी आदेश पारित किया है। मामला एमबीए सत्र 2025-26 की काउंसलिंग से संबंधित था। याचिकाकर्ता निजी महाविद्यालय की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि तकनीकी शिक्षा संचालनालय भोपाल के पोर्टल में तकनीकी त्रुटि अंतर्गत ओटीपी प्राप्त न होने के कारण 42 छात्रों को नान-रिपोर्टेड दर्शा दिया गया था।
दरअसल, याचिकाकर्ता महाविद्यालय को 11 सितंबर 2025 को ही संबद्धता प्राप्त हुई थी। साथ ही 13 सितंबर 2025 को काउंसलिंग सूची में शामिल किया गया। इस वजह से महज एक दिन का समय शेष रह गया था। इस दौरान 42 छात्रों के दस्तावेज सत्यापन हेतु आवश्यक ओटीपी प्राप्त नहीं हुआ। राज्य की ओर से उपमहाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी व एआइसीटीई की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार चौरसिया उपस्थित रहे। राज्य ने किसी तकनीकी त्रुटि से इंकार किया और बताया कि 15 छात्रों का प्रवेश सफलता पूर्वक पूर्ण किया गया था। हाईकोर्ट ने तथ्यों पर विचार करते हुए पाया कि महाविद्यालय को अत्यंत कम समय में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी थी। हाईकोर्ट ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद एआइसीटीई को 29 छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये।
